कृपा करो भोलेनाथ
आन पड़े तेरे द्वारे, कृपा करो भोलेनाथ
ले लो शरण मे अपनी, हम अभागे अनाथ नाथ मेरे 1
मस्तक चंद्र विराजे,शीश जटा गंग धारे
इनसे हल्कों मैं हूं, मोहे चरनन में राख नाथ मेरे 2
तुम तो भोले सुंदर इतने,काहे भस्म लपेटे फिरते
काहे डाले सर्प गले मे, जे मुंह से उगलें आग नाथ मेरे 3
काहे ना तुम रास रचाए, काहे मशान में धूनी रमाए
जो भी दुख है तुमको भोले,दे के मुझे मुस्काओ नाथ मेरे 4
विष को कंठ में धारे बैठे, अमृत जग को बांट देते
सबको सब कुछ देने वाले, मोहे दर्शन की आस नाथ मेरे 5
जैसे डमरू बाजे कर में, वैसे श्वास चले इस तन में
तुम जीवन आधार हो भोले, तुझमे अटके प्राण नाथ मेरे 6.. ✍️ गौरव
03.09.2026
10.30 AM