Tuesday, 31 December 2024

Happy new year

जिम्मेदारियों की चक्की में पिसता ही रहा

आती रही जनवरी दिसंबर जाता ही रहा....


कुछ पल के लिए खुशनुमा था

मौसम ए ज़िन्दगी

जब सर रखकर माँ की गोद मे सोता मैं रहा...


जवानी की गर्मियों ने बदन ही जला दिया

कुछ शौक पूरे करने मचलता ही मैं रहा....


बारिश भी आई तो हमे भिगा नही सकी

इश्क़ के जख्मों में दिल पिघलता ही रहा.....


सर्दियों की मुझसे है थोड़ी बहुत दोस्ती

घावों पे बर्फ की मरहम लगाता ये रहा....


तुम्हारे लिए है जश्न हर नए साल का

अपने लिए तो बस

आती रही जनवरी दिसंबर जाता ही रहा।।✍️गौरव

01.01.2025

मेरे बजरंग बली 🙏

 {INTRO}

मेरे बजरंग बली

{INSTRUMENTAL BREAK}

मेरे बजरंग बली

{INSTRUMENTAL BREAK}

मेरे बजरंग बली

तुमसे लागी लगी

मन में शक्ति जो आई

मज़ा आ गया

मेरे बजरंग बली

{INSTRUMENTAL BREAK}

मेरे बजरंग बली

तुमसे लागी लगी

मन में शक्ति जो आई

मज़ा आ गया

मेरे बजरंग बली

तुमने बुद्धि भी दी

मुझको भक्ति भी दी

राम धुन जो ग़बाई 

मज़ा आ गया 

(CHORUS)

मेरे बजरंग बली

तुमसे लागी लगी

मन में शक्ति जो आई

मज़ा आ गया

मेरे बजरंग बली

{INSTRUMENTAL BREAK}


बेखबर था मैं तुमसे 

फिरा दर बदर

(CHORUS)

बेखबर था मैं तुमसे 

फिरा दर बदर

तुमसे मिलकर ये जीवन

बदल सा गया

(CHORUS)

तुमसे मिलकर ये जीवन

बदल सा गया


अब किसी द्वंद में

{INSTRUMENTAL BREAK}

अब किसी द्वंद में

ना फंसू मैं कभी

ज्ञान की लौ जलाई

मज़ा आ गया


मेरे बजरंग बली

(CHORUS)

मेरे बजरंग बली

तुमसे लागी लगी

मन में शक्ति जो आई

मज़ा आ गया

(PRE CHORUS)

मेरे बजरंग बली


{INSTRUMENTAL BREAK}


ना ये जग जानता

मुझको ना जग को मै

(CHORUS)

ना ये जग जानता

मुझको ना जग को मै

(PRE CHORUS)

तेरा दामन जो थामा 

चमकने लगा

(CHORUS)

तेरा दामन जो थामा 

चमकने लगा

(PRE CHORUS)

तुमने थाम के हाथ

{INSTRUMENTAL BREAK}

तुमने थाम के हाथ

मेरे हाथ से

धर्म ध्वजा लहराई

मज़ा आ गया 

मेरे बजरंग बली

(CHORUS)

मेरे बजरंग बली 

तुमसे लागी लगी

मन में शक्ति जो आई

मज़ा आ गया

मेरे बजरंग बली

तुमने बुद्धि भी दी

मुझको भक्ति भी दी

राम धुन जो ग़बाई 

मज़ा आ गया 

(OUTRO) (FADE OUT END)

मेरे बजरंग बली

मेरे बजरंग बली

Monday, 5 August 2024

सतपुड़ा के घने जंगल

Intro

सतपुड़ा के घने जंगल

ताज़गी से भरे जंगल

Verse 1

सतपुड़ा के घने जंगल

ताज़गी से भरे जंगल

प्राण देते है धरा को

चूमते आकाश जंगल

सतपुड़ा के घने जंगल

ताज़गी से भरे जंगल

Instrumental break

Verse 2

दूर चोटी है निहारती

बादलों की ओट से

कैसे बारिश की ये बूंदे

बनके झरने करती कलकल...

सतपुड़ा के घने जंगल

ताज़गी से भरे जंगल

Instrumental break 

Verse 3

इतने अद्भुत अनूठे है

स्वयं शिव भी यहां बैठे है

देते आश्रय कई जीवों को

कइयों के घर चलाते जंगल....

सतपुड़ा के घने जंगल

ताज़गी से भरे जंगल

Instrumental break

Verse 4

रात के आँचल में लिपटे

दिन को मुँह चिढ़ाते जंगल

रोशनी की रश्मियों को

लताओं में उलझाते जंगल.....

सतपुड़ा के घने जंगल

ताज़गी से भरे जंगल

Bridge

अपनी बनाई इस कृत्रिम दुनिया से

निकलो कभी इस मोह माया से

जीवन को सम्पूर्ण करने

जाओ, तुम्हे बुलाते जंगल

Outro

सतपुड़ा के घने जंगल

ताज़गी से भरे जंगल

प्राण देते है धरा को

चूमते आकाश जंगल

सतपुड़ा के घने जंगल

ताज़गी से भरे जंगल

जीवन को सम्पूर्ण करने

जाओ, तुम्हे बुलाते जंगल

जाओ, तुम्हे बुलाते जंगल

 जाओ, तुम्हे बुलाते जंगल ✍️गौरव 

Friday, 8 March 2024

होली खेले बिहारी सरकार

 

बोल बाँके बिहारी लाल की

जय हो जय हो जय हो जय हो जय हो जय हो

होरी खेले, बिहारी सरकार...

ब्रज में धूम मचाए... २

रंग लगाएं, गुलाल उड़ाएं...2 

भर भर के, पिचकारी चलाएं...2

राधारानी...,

राधारानी, को दियो लिपटाए....

ब्रज में धूम मचाए,

होरी खेले, बिहारी सरकार....

ब्रज में धूम मचाए...2


सांवरे से तन पे मोहन...2

नीरो पीरो रंग लगाए...2

देख छवि अद्भुत मोहन की...2

गोपी, प्रेम के रंग रंग जाए...

गोपी खुद ही....

गोपी खुद ही, से रंग लगवाए....

ब्रज में धूम मचाए....

होरी खेले, बिहारी सरकार

ब्रज में धूम मचाए...2


राधारानी भर पिचकारी....

कान्हा जी के पीछे दौड़ी...

ठाड़े रहे ये सोच के मोहन...

इच्छा मेरी पूरी हो जाए...

जैसे भी हो,

जैसे भी हो, राधारानी छू जाए...

ब्रज में धूम मचाए....


होरी खेले बिहारी सरकार

ब्रज में धूम मचाए....2 ✍️गौरव

08.03.24

जय जय श्री राधे बोलो



जय जय श्री राधे, बोलो,

जय जय श्री राधे, बोलो....2

बिगड़ी अपनी बना लो

किस्मत के दरवाज़े खोलो...

जय जय श्री राधे बोलो

जय जय श्री राधे बोलो...2


इस नाम की महिमा अपरम्पार

कृष्ण भी जपते है बारम्बार 2

जपते रहो राधा राधा

कृष्ण की शरणागति को पालो...

जय जय श्री राधे बोलो,

जय जय श्री राधे बोलो...2


सूरज भी चमके जिसकी कृपा से

चंदा भी रोशन जिसकी प्रभा से

सृष्टि समूची है जिसमे समाई

उस नाम का तुम भी सुमिरन कर लो...

जय जय श्री राधे बोलो

जय जय श्री राधे बोलो....2 ✍️गौरव

8.3.24

Monday, 26 February 2024

जय जय श्री राधे 🙏

जय जय श्री राधे, 

जय जय श्री राधे,

चरणों मे अपने, 

मुझको जगह दे,

जय जय श्री राधे, 

जय जय श्री राधे,

चरणों मे अपने, 

मुझको जगह दे,

जय जय श्री राधे, 

करुणामयी अपनी, 

कृपा दिखा दे

करुणामयी अपनी, 

कृपा दिखा दे

ममतामयी अपनी, 

सूरत दिखा दे

ममतामयी अपनी, 

सूरत दिखा दे

जय जय श्री राधे, 

जय जय श्री राधे,

चरणों मे अपने, 

मुझको जगह दे,

जय जय श्री राधे, 

तुम सबपे कृपा 

बरसाने वाली

तुम सबपे कृपा 

बरसाने वाली

मेरी तरफ़ भी 

नज़रें घुमा दे

जय जय श्री राधे, 

जय जय श्री राधे

चरणों मे अपने, 

मुझको जगह दे

INSTRUMENTAL BREAK


नित रोज़ तेरी पूजा करूँ मैं

नित रोज़ तेरी पूजा करूँ मैं

बरसाने में मुझको बसा दे

बरसाने में मुझको बसा दे

तेरे ही नाम, को जपता रहूँ मैं,

तेरे ही नाम, को जपता रहूँ मैं

बुद्धि को मेरी, तुझमें लगा दे

जय जय श्री राधे, 

जय जय श्री राधे

चरणों मे अपने, 

मुझको जगह दे

जय जय श्री राधे

INSTRUMENTAL BREAK

तेरी शरण में, रहे मेरा जीवन

तेरी शरण में, रहे मेरा जीवन

मुझको यही इक, वर दे दो राधे

मुझको यही इक, वर दे दो राधे

संसार की, माया से मेरे,

संसार की, माया से मेरे,

मन को हटा के, तुझमे लगा दे

जय जय श्री राधे, जय जय श्री राधे,

चरणों मे अपने, मुझको जगह दे

OUTRO (FADE OUT)

जय जय श्री राधे, जय जय श्री राधे

चरणों मे अपने मुझको जगह दे

जय जय श्री राधे, जय जय श्री राधे,

जय जय श्री राधे, जय जय श्री राधे

26.02.2024

Thursday, 22 February 2024

क्षणिकाएं

                                  क्षणिकाएं 

१) दीवारों पर ना सही,

दिल में उनके निशां,

आज भी है,

गैरों में ना सही, 

अपनो में हम बेगाने,

आज भी हैं,

कुछ इस तरह है बयां, 

अपनी मोहब्बत का फ़लसफ़ा,

वो किसी और के हो गए,

हम उनके दीवाने,

आज भी है।।

✍️गौरव 24.01.2023


२) बाइज़्ज़त निकली थी घर से,तेरी गली में बेइज़्ज़त हो गई,

हया का पर्दा हटा नज़र से,कम्बख्त मोहब्बत हो गई।। 

✍️गौरव 24.01.2023


शेर- इज़ाज़त

तुम जो करते हो,उसकी इज़ाज़त, किसी और को नही है,
मगर सिर्फ और सिर्फ दिल दुखाना ही,मोहब्बत तो नही है।

🙏✍️गौरव

२२.०७.२०२०


शेर- ज़ज्बात

जज़्बात आज भी, मेरे ठहरे है,
जुबां पे आज भी, मेरे पहरे है,
मैं गुमगश्त हूँ, तेरी यादों में,
ज़ख़्म-ए-दिल आज भी,मेरे गहरे है।।

✍️गौरव १९.०७.२०२०

गुमगश्त- खोया हुआ


इंतज़ार

आज फिर जेहन में तेरी यादों ने डाला डेरा

मेरी सांसो को तेरी ख़ुशबू ने आके घेरा 

खुदाया कब तलक तड़पना है मुझे ये तो बता

खत्म होगा या नही ये इंतज़ार मेरा....🙏 ✍️गौरव

०४.०९.२०२०



शेर- परवाज़ 

घाव गहरे तो है मगर, अभी और चोट खाना बाकी है,
तुम्हारी नज़रों में आया हूँ, अभी दिलों में आना बाक़ी है ।।
परिंदों से कह दो, परवाज़ ऊंची ही रखें,
निगाहें आसमाँ पर मेरी,बस, पर फैलाना बाक़ी है।।


✍️गौरव 

१६.०७.२०२०

भोपाल मध्यप्रदेश



सीधा उल्टा एक, जादुई शेर

1)   सीधा-  खुशियाँ मिली कभी, कभी मिले ग़म,


                          खुदा तेरी इनायत है,आगे बढ़ते रहे हम।।

उल्टा- हम रहे बढ़ते आगे,है इनायत तेरी खुदा,
          ग़म मिले कभी,कभी मिली खुशियाँ।।


2) सीधा- एक मेरी चाहत, चरण तेरे श्याम,
                    एक मेरी मन्नत, बस चिंतन तेरा श्याम।
              तुझमे घुल जाए,जीवन मेरा श्याम,
             एक मेरी हसरत,दर्शन तेरे श्याम।।


उल्टा- श्याम तेरे चरण,चाहत मेरी एक,
         श्याम तेरा चिंतन बस,मन्नत मेरी एक।
         श्याम मेरा जीवन,जाए घुल तुझमे,
         श्याम तेरे दर्शन,हसरत मेरी एक।।

✍️गौरव

16.07.20

भोपाल मध्यप्रदेश


रोज़ी रोटी की तलाश में, ठिकाने बदलते रहे,

हर दौर में गरीबों के, आशियाने बदलते रहे,

ना मंज़िल हुई हसिल, ना सफर ही हुआ खत्म

वो चलते रहे 'बेखबर' ज़माने बदलते रहे...✍️गौरव ३१.०५.२०


मोहब्बत में बहाने बदलते रहे,
नज़रों के निशाने बदलते रहे,
हम बदल ना सके, उनके मुताबिक़,
वो अपने मुताबिक़, ठिकाने बदलते रहे।✍️गौरव ३१.०५.२०


शेर - राब्ता 

मेरा और समन्दर का,इतना है राब्ता,

मेरे आँसू खारे, उसका पानी खारा....।।

✍गौरव १०.०६.२०२२


शेर- डायरी

पन्नों - पन्नों पर,डायरी के, कतरा - कतरा सी,ज़िन्दगी है।

तन्हा - तन्हा से लफ़्ज़ों में, भीगी - भीगी सी शायरी है।।

✍️गौरव १०.०६.२०२२


आफताब ढल गया,बातों ही बातों में,

मैं थाम के बैठा रहा, हाथों को हाथों में

बेसब्री से था इंतज़ार जिस मुलाकात का

मिलकर वक़्त गुजर गया,आंखों ही आंखों में..✍️गौरव २९.०५.२०२०


शेर- अधूरी मोहब्बत


सिरहाने तकिये के,हर रात बसर करती है,

अधूरी मोहब्बत भी,ताउम्र असर करती है।।

✍️गौरव १०.०६.२०२२


ए बारिश ज़रा सीख ले बरसने का कायदा

जिनकी छत टपकती हो उन्हें डुबोने से क्या फायदा..

✍️गौरव ०४.०९.२०२०


बहुत खूब




ग़म में लिखे लफ्जों को,खुशी के गीत दे दूँ,


अपनी किसी ग़ज़ल को,नया रूप दे दूँ ।


तुमको देखा जो आज बारिश में, भीगते हुए,


यूँ लगा जिंदगीं को आज, "बहुत खूब" कह दूँ।


✍️गौरव १२.०७.२०२०


शेर


बात निकलेगी तो फिर दूर तलक जाएगी
चर्चे मेरे होंगे तो मशहूर तू भी हो जाएगी।। ✍️गौरव ०४.०९.२०२०


निकल जाता हूं तुम्हे छोड़कर

यूँ घर मे रहकर बरकत नही मिलती

प्यार के रास्ते मे अक्सर

पक्की सड़क नही मिलती

मिलता तो सब है यहां 

दिल को बहलाने को

नही मिलती तो तुम्हारे हाथ की चाय कड़क नही मिलती।।


वोभी क्या दौर था,

जब जज्बात कागज पर 

उकेरे जाते थे,

हर लफ़्ज में लिखने वालों के 

चेहरे देखे जाते थे,

बार बार लगातार खत के 

मज़मून को पढ़ा जाता था,

हर बार आँखों मे 

अश्क देखे जाते थे,

खत आज भी लिखे जाते है,

इस नए दौर में,

बिन कागज,बिन जज़्बात 

बस टाइप किये जाते है,

गुज़रे ज़माने के खत,

आज भी मिल जाते है,

पुराने संदूकों में,

पर आजकल स्पैम,रिसायकल बिन, 

या ड्राफ्ट में रखे जाते है,

कई किस्से,कहानियां 

थी शामिल उन खतों में,

जो आज भी जहन में 

याद रखे जाते है,

अब उंगलियों में दर्द के नए दौर में,

इतना कौन टाइप करे,

इसी में आलस खा जाते है,

मोहब्बत ने भी रंग बदला है,

खतों की तरह,

अब मोहब्बत के नाम पर,

टाइम पास किए जाते है।


तेरे प्यार में खोए हम इस कदर

के ये ज़माना भूल गए 2

भूल गए सारे रंजोगम

दुश्वारियों के सब आलम2

अपनी आंखों के सारे अश्क़ भूल गए

के ये ज़माना भूल गए2

जब से मिली है अँखियाँ तुमसे

हटती नही है नज़रे तुमसे

देखूँ क्या कुछ ऐसा नही है

जो हो सुंदर बढ़कर तुमसे

तेरी नज़रों से घायल ऐसे हो गए

के ये ज़माना भूल गए.....!!


अब गम में ही जीना भाता है मुझे,

तेरी यादों में ही सुकून आता है मुझे,

अब तेरे आने से भी उतनी खुशी नहीं होगी, 

जानते है, अब तू आ भी जाएगी तो भी मेरी नहीं होगी।