महाकाल की सवारी
फूलों में सज रही है, महाकाल की सवारी
है साथ गौरी मैया, संग नंदी ब्रह्मचारी.....१
ऐसो ना कोई दूल्हा, ऐसी बारात न्यारी
जन्मों के पाप छूटे, हम बन गए बराती...२
तीनों भुवन से प्यारी, अवन्तिका हमारी
महाकाल संग खेले, जहां वृंदावन बिहारी...३
डम डम बाजे डमरू, झूमे दुनिया सारी
महाकाल में समाई, है ये सृष्टि सारी...४
कालों के काल बाबा, सुन लो अरज हमारी
काटो जनम के फेरे, आये शरण तिहारी...५
फूलों में सज रही है, महाकाल की सवारी
है साथ गौरी मैया, संग नंदी ब्रह्मचारी.....✍️गौरव
12.08.26
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