रविवार, 27 सितंबर 2026

मेरे महादेवा

तर्ज़: आने से उसके आये बहार....

मुखड़ा:

माथे पे जिनके चंद्र विशाल,

शीश से बहती गंगा की धार।

बड़े भोले-भाले हैं.....मेरे महादेवा,

अलबेले निराले हैं.... मेरे महादेवा॥


​अंतरा 1:

कंठ में है धरते, जहरीले नागों की माला,

जग का पालन करते, पीके हलाहल विष का प्याला।

तन पे भभूत लपेटे हैं जो,

बाघम्बर धारी हैं... मेरे महादेवा,

सुंदर शुभकारी हैं... मेरे महादेवा।

बड़े भोले-भाले हैं मेरे महादेवा,

अलबेले निराले हैं मेरे महादेवा॥

​अंतरा 2:

कर में बाजे डमरू, नाचे होके मगन मतवाला,

नंदी की सवारी करके, आए भगत रखवाला।

भक्तों का कल्याण करे,

सबके संकट टारे हैं... मेरे महादेवा,

भक्तों के सहारे हैं... मेरे महादेवा।

बड़े भोले-भाले हैं मेरे महादेवा,

अलबेले निराले हैं मेरे महादेवा॥

​अंतरा 3:

है मसान में रमते, भोले सबको यही हैं सिखाते,

ये जगत है नश्वर, अंत में सब मुझमें समाते

माया के बंधन को,

क्षण भर में छुड़ाते हैं... मेरे महादेवा,

मुक्ति देने वाले हैं... मेरे महादेवा।

बड़े भोले-भाले हैं मेरे महादेवा,

अलबेले निराले हैं मेरे महादेवा॥✍️गौरव

28.9.26

11.45.am


बुधवार, 2 सितंबर 2026

कृपा करो भोलेनाथ


कृपा करो भोलेनाथ


 आन पड़े तेरे द्वारे, कृपा करो भोलेनाथ

ले लो शरण मे अपनी, हम अभागे अनाथ नाथ मेरे 1


मस्तक चंद्र विराजे,शीश जटा गंग धारे

इनसे हल्कों मैं हूं, मोहे चरनन में राख नाथ मेरे 2


तुम तो भोले सुंदर इतने,काहे भस्म लपेटे फिरते

काहे डाले सर्प गले मे, जे मुंह से उगलें आग नाथ मेरे 3


काहे ना तुम रास रचाए, काहे मशान में धूनी रमाए

जो भी दुख है तुमको भोले,दे के मुझे मुस्काओ नाथ मेरे 4


विष को कंठ में धारे बैठे, अमृत जग को बांट देते

सबको सब कुछ देने वाले, मोहे दर्शन की आस नाथ मेरे 5


जैसे डमरू बाजे कर में, वैसे श्वास चले इस तन में

तुम जीवन आधार हो भोले, तुझमे अटके प्राण नाथ मेरे 6.. ✍️ गौरव

03.09.2026

10.30 AM