तर्ज़: आने से उसके आये बहार....
मुखड़ा:
माथे पे जिनके चंद्र विशाल,
शीश से बहती गंगा की धार।
बड़े भोले-भाले हैं.....मेरे महादेवा,
अलबेले निराले हैं.... मेरे महादेवा॥
अंतरा 1:
कंठ में है धरते, जहरीले नागों की माला,
जग का पालन करते, पीके हलाहल विष का प्याला।
तन पे भभूत लपेटे हैं जो,
बाघम्बर धारी हैं... मेरे महादेवा,
सुंदर शुभकारी हैं... मेरे महादेवा।
बड़े भोले-भाले हैं मेरे महादेवा,
अलबेले निराले हैं मेरे महादेवा॥
अंतरा 2:
कर में बाजे डमरू, नाचे होके मगन मतवाला,
नंदी की सवारी करके, आए भगत रखवाला।
भक्तों का कल्याण करे,
सबके संकट टारे हैं... मेरे महादेवा,
भक्तों के सहारे हैं... मेरे महादेवा।
बड़े भोले-भाले हैं मेरे महादेवा,
अलबेले निराले हैं मेरे महादेवा॥
अंतरा 3:
है मसान में रमते, भोले सबको यही हैं सिखाते,
ये जगत है नश्वर, अंत में सब मुझमें समाते
माया के बंधन को,
क्षण भर में छुड़ाते हैं... मेरे महादेवा,
मुक्ति देने वाले हैं... मेरे महादेवा।
बड़े भोले-भाले हैं मेरे महादेवा,
अलबेले निराले हैं मेरे महादेवा॥✍️गौरव
28.9.26
11.45.am
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