बुधवार, 2 सितंबर 2026

कृपा करो भोलेनाथ


कृपा करो भोलेनाथ


 आन पड़े तेरे द्वारे, कृपा करो भोलेनाथ

ले लो शरण मे अपनी, हम अभागे अनाथ नाथ मेरे 1


मस्तक चंद्र विराजे,शीश जटा गंग धारे

इनसे हल्कों मैं हूं, मोहे चरनन में राख नाथ मेरे 2


तुम तो भोले सुंदर इतने,काहे भस्म लपेटे फिरते

काहे डाले सर्प गले मे, जे मुंह से उगलें आग नाथ मेरे 3


काहे ना तुम रास रचाए, काहे मशान में धूनी रमाए

जो भी दुख है तुमको भोले,दे के मुझे मुस्काओ नाथ मेरे 4


विष को कंठ में धारे बैठे, अमृत जग को बांट देते

सबको सब कुछ देने वाले, मोहे दर्शन की आस नाथ मेरे 5


जैसे डमरू बाजे कर में, वैसे श्वास चले इस तन में

तुम जीवन आधार हो भोले, तुझमे अटके प्राण नाथ मेरे 6.. ✍️ गौरव

03.09.2026

10.30 AM

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