शनिवार, 7 जनवरी 2012

बड़ा अच्छा लगता है!


यूँ तुम्हारी गोद में सर रखकर सोना बड़ा अच्छा लगता है,

मेरी आँखों में तैरता हसीं ख्वाब अब सच्चा लगता है!

यूँ तेरा मेरे बालों में अपनी उंगलियों को फिराना,

जन्नत का अहसास देता है तेरा मुस्कुराना,

और कुछ नहीं चाहिए अब जिंदगी से सिवा इसके,

ये वक्त थम जाये यही,ये शाम कभी ना बीते,

तुम मुझे देखती रहो,मैं तुम्हे देखता रहूँ,

पल भर के लिए ही सही ज़माने को भुला दूँ,

तुम्हारी आँखों में अपना चेहरा देखना अच्छा लगता है,

तुम्हारी गोद में सर रखकर सोना अच्छा लगता है!

और करीब आओ कि मेरी प्यास बाद रही है,

लबो को छूने की तलाश बढ़ रही है,

हसीं मौसम में हसीं गुश्ताखियाँ होने दो,

जिस्म की नहीं रूह की तसल्ली होने दो,

मेरा तुझमे,तुम्हारा मुझमें,खोना अच्छा लगता है,

कुछ और नहीं बस,यूँही रहना अच्छा लगता है,

तुम्हारी गोद में सर रखकर सोना अच्छा लगता है !!!!!!


.............गौरव...............

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