Monday, 30 March 2026

लड़को वाली बात

 

लड़को वाली बात


अब वो आशिक़ी नहीं रही,

अब वो आवारगी नहीं रही,

तुझे देखने की हसरत में

फिरते थे मारे-मारे,

अब वो पागलपन,

वो दीवानगी नहीं रही।


तज़ुर्बा हो गया है अब,

दूर रहकर भी रिश्ते

निभा लेता हूँ मैं।

हंसता भी हूँ, हंसाता भी हूँ,

टूटे दिल के साथ भी

खुद को संभाल लेता हूँ मैं।


अब वो खाम-ख्याली नहीं रही,

तसव्वुर में भी हकीकत यही रही,

फ़र्ज़ों ने गढ़ दिया

एक नया शख्स मुझमें,

अब मुझमें वो

लड़कों वाली बात नहीं रही। ✍️गौरव

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