पढ़ो तुम, बढ़ो तुम
पढ़ो तुम, बढ़ो तुम
दूर गगन में उड़ो तुम
मेहनत के पंख लगाकर
आसमाँ पर चढ़ो तुम
पढ़ो तुम, बढ़ो तुम
आसमाँ पर चढ़ो तुम
सागर में विज्ञान के
तैरो गोता लगाओ तुम
ज्ञान के प्रकाश से
अज्ञानता को हरो तुम
पढ़ो तुम, बढ़ो तुम
आसमाँ पर चढ़ो तुम
अपनी रुचियों से हरी-भरी
ऐसी दुनिया चुनो तुम
कला के संसार में
फूल जैसे खिलो तुम
क्रीड़ा के मैदान में
चौके छक्के जड़ो तुम
पढ़ो तुम, बढ़ो तुम
आसमाँ पर चढ़ो तुम
मौके ऐसे भी आएँगे
सब आगे निकल जाएँगे
विश्वास स्वयं पर दृढ़ रखना
परिणाम से मत डरो तुम
पढ़ो तुम, बढ़ो तुम
दूर गगन में उड़ो तुम
मेहनत के पंख लगाकर
आसमाँ पर चढ़ो तुम
पढ़ो तुम, बढ़ो तुम
आसमाँ पर चढ़ो तुम...
✍️गौरव
10.2.26